Saturday, January 26, 2013



चॉकलेट चॉकलेट और चॉकलेट...

हर दिन के जैसे आज भी क्लासेज खत्म होने के बाद हम सब मिलते हैं अल्का और नेहा मैम के क्यूबिकल में । जहाँ आज फिर से झंकार(कॉलेज पत्रिका) के काम का हिसाब किताब लिया जा रहा है । नेहा मैम ने आज झंकार में कुछ और पेज जोड़ने के लिए कहा है । खैर इसी बीच मेरे दो सहपाठी  श्वेता और कनिका बत्रा  भी आ गए हैं जो की अल्का मैम के कॉलेज छोड़ने के फैसले से आहत हैं और मैम से कॉलेज में बने रहने का आग्रह कर रहे हैं। इसके उलट मैम अपने फैसले पर अडिग हैं। अचानक नेहा मैम के गुस्से व निराश भरे स्वरों में मुझसे आशीष पीटर(झंकार टीम का सदस्य) की वर्तमान स्थिति के बारे में पुछा गया। मेरी ओर से हमेशा की तरह मैम से नज़र चुराने व फ़ोन बहार निकालकर पीटर को कॉल करने का दृश्य दोहराया गया।
तभी एकाएक श्वेता ने चॉकलेट का विषय छेड़ दिया। चॉकलेट का नाम सुनते ही अल्का मैम की ओर से "द चॉकलेट रूम " नाम के एक रेस्टोरेंट का ज़िक्र हुआ । नेहा व अल्का मैम के अनुसार इस रेस्टोरेंट में मिलने वाली सारी खाद्य सामग्री चॉकलेट से बनी हुई हैं।
हमने तुरंत ही मैम से इसका पता लिया और मै, कनिका ओर श्वेता निकल पड़े "द चॉकलेट रूम" का जायका लेने। मैंने अपने ज़िन्दगी के २० सालों में पहली बार इस तरह के किसी रेस्टोरेंट के बारे में सुना है। कॉलेज से निकलते ही हमने साकेत पीवीआर (अनुपम मार्किट) के लिए ऑटो लिया। वहां पहुँचने में हमें लगभग 15 मिनट लगे। वहां पहुँचते ही हमे बड़ी आसानी से वह रेस्टोरेंट मिल गया। लेकिन उसे देखकर यह भी अचम्भा हुआ की पिछले डेढ़ साल से हम इस जगह कई बार आये और इसकी ओर हमारा ध्यान कभी नहीं गया। 
 "द चॉकलेट रूम" में प्रवेश करते ही हमें तीन,चार लोग ही बैठे दिखाई दिए। हम भी अपनी सुविधा अनुसार बैठ गए। तभी मेज़ पर पड़े मेन्यु पर हमने अपनी नज़र दौड़ाई। किन्तु चॉकलेट से बनी सारी चीज़ों के कारण हम असमंजस में पड़ गए कि क्या ऑर्डर करें और क्या नहीं ? इतने में कनिका कि ओर से नेहा मैम को कॉल करने का सुझाव दिया गया। मैंने नेहा मैम को कॉल की और उनके स्वादानुसार उपयुक्त चीज़ ऑर्डर करने का सुझाव मांगा। मैम की ओर से हमें कई विकल्प दिए गए किन्तु हमारी जेब और उच्चारण के हिसाब से हमें “chocolate ecstasy” और “chocolate lava lava” ही सबसे बेहतर नज़र आये। अगले 15 मिनट में हमारे सामने दोनों चीज़ें रखी गयी। लेकिन अब यह समझ में नहीं आ रहा था कि इसमें “chocolate ecstasy” कौन सी है और  “chocolate lava lava” कौन सा?
 खैर तभी 12वीं  में भौतिकी पढ़ाने वाले सर कि एक बात याद आ गयी कि बेटे कभी तो कॉमनसेंस का प्रयोग किया करो। मैंने अभी  दिमाग के घोड़े दौड़ाने शुरू ही किये थे कि मेरा ध्यान सामने पड़ी दोनों डिश पर गया। जिसमें एक डिश से दो चम्मच गायब थे और गौर किया तो पाया कि सोचने विचारने के चलते कनिका बत्रा और श्वेता गौर अब तक सामने सजे व्यंजनों में से एक का स्वाद ले भी चुके हैं। मैंने भी दिमाग के घोड़ों पर लगाम लगाई और खाना शुरू किया । पहले चम्मच के साथ ही चॉकलेट का आत्मा को तृप्त करने वाला स्वाद दिल तक उतर गया । यह मेरे जीवन में चॉकलेट से बना सबसे बेहतरीन व्यंजन था। खाने के साथ साथ यह भी अनुमान लगा लिया कि दूसरी प्लेट में दो छोटे- छोटे गिलासों में सजी डिश ही “chocolate lava lava” है क्योंकि इसमें दो lava lava के दो गिलास हैं। खैर संकल्पना कितनी भी हास्यास्पद व कल्पनामय हो किन्तु स्वाद उतना ही वास्तविक व गंभीर था। इसके बाद हमने "chocolate lava lava "  का स्वाद लिया। "द चॉकलेट रूम" के ये दोनों ही जायके मेरे लिए अविस्मरणीय हैं। उस बेहतरीन जायके के लिए मै अपनी दोनों मैम(नेहा मैम  व अल्का मैम) का आभारी हूँ।  हर वह व्यक्ति जो  चॉकलेट का  शौक़ीन है उसके लिए के लिए सबसे यथोचित गन्तव्य "द चॉकलेट रूम" है।
दिल्ली में यह सिर्फ दो ही जगहों में है-
contact no.:(011) - 40572888
email : 
2-delhi - sector 3
contact no.:(011) - 42340564
email : tcr.nnmallrohini@gmail.com

1- delhi - saket pvr anupam market
comimunity center - 17,malviya nagar , saket pvr anupam market , delhi - 110017

g:-11, plot no. 15,n.n.mall, rohini, , sector 3 , delhi - 110085

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